सोमवार, 5 जुलाई 2010
भारत बंद
आज भारत की जनता ने एक बार फिर बता दिया कि वो आज भी देश कि मालिक है। नेताओं और ऑफिसर को ये भ्रम नहीं होना चाहिए कि वो मालिक हैं। कश्मीर से कन्या कुमारी तक और अटक से लेकर कटक बल्कि उत्तर पूर्व के बिलकुल कोने तक पूरा भारत बंद रहा। मीडिया को भी समझ लेना चाहिए कि अब वो नहीं चलेगा जो मीडिया अपनी हेकड़ी में चलाना चाहता है। धोनी कि शादी दिखा कर मीडिया ये बताना चाहता था कि वो जो कर रहा है वो ही सही है लेकिन जनता ने बता दिया कि जो तुम कर रहे हो वो ही सही नहीं है। दुनिया कि दूसरी सबसे बड़ी आबादी और दुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र कि इतनी बड़ी हड़ताल या आन्दोलन को दबा पाना मीडिया के धन्ना सेठों के लिए भी संभव नहीं था। और देश कि जनता ने बंद को सफल कर दिया। हाँ ये भी हुआ कि जब जनता दल (यु) के नेता शरद यादव मीडिया कि इस बात के लिए कोस रहे थे कि आप लोग भी अजीब हो धोनी और राखी सावंत कि ख़बरें दिखाते रहते हो, उसी समय पर चेनल्स ने ये दिखाना शुरू कर दिया कि बिहार में बंद के चलते लडकियां नांच रही हैं। ये खबर तो है लेकिन इस खबर को दिखा कर मीडिया क्या बताना चाहता है कि अगर तुम आन्दोलन में ये करोगे तो हम तो मीडिया हैं और बेलगाम भी कि जनता पर ३६५ दिन वाही थोपेंगे जो हमारी मर्जी होगी। यानी तीन सी ( क्राइम क्रिकेट और सिनेमा ) कि खबर तो तुमको देखना ही होगी। एक बात पर बड़ा ताज्जुब हुआ कि विनोद दुआ और विनोद शर्मा जैसे पत्रकार भी बंद का विरोध करते नजर आये। बड़ी बड़ी बातें करते हुए ये दोनों पत्रकार देश के सारे विपक्षी नेताओं को कोसते नजर आ रहे थे। उनका कहना था ये बंद नहीं होना था। क्योंकि आम आदमी तैयार नहीं था। बंद उस पर थोपा गया। अब इन दोनों को कौन समझाए कि भैया नेताओं को कोसना बड़ा आसन है जब जो मुंह में आये कह दो। इनसे पूछो कि जनता कि कौन सुन रहा है जरा बता दो इनकी भी बोलती भी बंद हो जाएगी। खैर बड़े पत्रकार हैं तो कौन बोलेगा, लेकिन मैं भी छोटा ही सही हूँ तो पत्रकार ही तो बोल सकता हूँ । और बोल रहा हूँ कि दोनों विनोद इतना धयान रहे कि सिर्फ जो भी कहो ये धयान रहे कि आप भी जनता से बड़े नहीं हो और देश में होने वाले किसी भी आन्दोलन का इतनी जल्दी और आसानी से विरोध करने का काम नहीं किया करो। वर्ना किसी दिन जनता तुमको भी सुनना बंद कर देगी और तुमारा भारत हमेश के लिए बंद हो जायेगा।
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